सादर नमस्ते | वैदिक पुरोहित सेवा
पंडित ओम प्रकाश आर्य
आर्य समाज मंदिर, आर.पी.एस. मोड़, बेली रोड, दानापुर, पटना में आपका स्वागत है। पूज्य महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती जी द्वारा विरचित ‘संस्कार विधि’ के अनुसार शुद्ध वेदमंत्रों द्वारा सभी 16 संस्कार, वैदिक विवाह एवं शांति यज्ञ निष्ठापूर्वक संपन्न कराए जाते हैं।
पंडित जी से संस्कार क्यों कराएं?
अंधविश्वास, पाखंड और फिजूलखर्ची से मुक्त, केवल शुद्ध वैदिक ऋचाओं और सनातन मर्यादा के अनुसार अनुष्ठान।
प्रामाणिक वैदिक पद्धति
महर्षि दयानन्द सरस्वती की 'संस्कार विधि' के अनुसार बिना किसी आडंबर के शुद्ध वेदोक्त रीति से सभी धार्मिक संस्कार संपन्न किए जाते हैं।
कानूनी रूप से वैध विवाह
आर्य समाज विवाह पूरी तरह से विधिपूर्वक संपन्न होता है तथा कोर्ट मैरिज और कानूनी विवाह प्रमाणपत्र (Marriage Certificate) के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाता है।
अर्थ सहित मंत्रोच्चार
पूजा और विवाह के समय प्रत्येक मंत्र और प्रतिज्ञा का यजमान को सरल हिंदी में अर्थ समझाया जाता है ताकि अनुष्ठान का वास्तविक आध्यात्मिक लाभ मिले।
पटना एवं संपूर्ण बिहार में सेवा
आर्य समाज मंदिर (आरपीएस मोड़, पटना) में आयोजन के साथ-साथ आपके घर, विवाह भवन या प्रतिष्ठान पर भी अनुष्ठान हेतु पंडित जी उपलब्ध रहते हैं।
प्रमुख संस्कार एवं अनुष्ठान
जन्म से लेकर विवाह और गृह प्रवेश तक, जीवन के प्रत्येक मांगलिक अवसर पर वैदिक विधि से पूजा संपन्न कराएं।
सप्तपदी, लाजा होम, सिन्दूर दान एवं वैदिक प्रतिज्ञाओं के साथ आदर्श विवाह संस्कार। बिना दहेज, सादगीपूर्ण और पूर्ण कानूनी मान्यता प्राप्त।
- वैदिक हवन एवं पाणिग्रहण संस्कार
- सप्तपदी प्रतिज्ञा एवं सिन्दूर दान
- आर्य समाज विवाह प्रमाणपत्र सहयोग
- मंदिर अथवा वर/वधू पक्ष के स्थल पर सुविधा
गायत्री महायज्ञ, महामृत्युंजय जाप हवन, सुख-शांति यज्ञ और नव वर्ष/जन्मदिन पर पर्यावरण और मन को शुद्ध करने वाला वैदिक अग्निहोत्र।
- गायत्री मंत्र एवं महामृत्युंजय आहुति
- सुगंधित आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से हविष्य
- परिवार में सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना
- ऋतु परिवर्तन व विशेष तिथियों पर यज्ञ
नए घर अथवा व्यावसायिक प्रतिष्ठान में सकारात्मक ऊर्जा, वास्तु दोष निवारण और पारिवारिक समृद्धि हेतु शास्त्रोक्त गृह प्रवेश हवन।
- कलश स्थापना एवं वास्तु देव पूजन
- वास्तु शुद्धि एवं नवग्रह शांति हवन
- अग्नि प्रदीपन एवं मंगल आरती
- घर के सभी कमरों में शांति-पाठ एवं पवित्रीकरण
नवजात शिशु के उज्ज्वल भविष्य, दीर्घायु और सद्चरित्र हेतु शुभ नक्षत्र में विधिपूर्वक नामकरण एवं प्रथम अन्न भोग संस्कार।
- शिशु के कान में वेदमंत्र उच्चारण
- शुभ नामकरण घोषणा एवं आशीर्वाद
- प्रथम अन्न (खीर/मधु) अर्पण विधि
- दीर्घायुष्य और आरोग्य हेतु विशेष आहुतियां
विद्यारम्भ, सद्बुद्धि और ज्ञान प्राप्ति के लिए यज्ञोपवीत धारण संस्कार। ब्रह्मचर्य व्रत और गायत्री मंत्र दीक्षा के साथ।
- यज्ञोपवीत (जनेऊ) धारण एवं संकल्प
- गायत्री महामंत्र दीक्षा एवं गुरु उपदेश
- मेधा जनन यज्ञ एवं विद्यारम्भ संकल्प
- अनुशासन एवं सात्विक जीवन का मार्ग
बालक या बालिका के प्रथम केश निष्कासन से मस्तिष्क की शुद्धि, मानसिक बल एवं रोगमुक्ति के लिए शास्त्र सम्मत मुंडन हवन।
- विशेष स्वास्थ्य रक्षक वेदमंत्र आहुति
- शिशु के शिरो-मस्तिष्क पवित्रीकरण
- दीर्घायु व मेधा शक्ति की मंगलकामना
- दान व आशीर्वाद की पारंपरिक विधि
जीवन के 16 वैदिक संस्कार
वैदिक संस्कृति में मनुष्य के गर्भाधान से लेकर अंतिम यात्रा तक 16 पवित्र संस्कारों का विधान है।
गर्भाधान संस्कार
सत्संतान प्राप्ति एवं धार्मिक जीवन निर्माण का पवित्र संकल्प।
नामकरण संस्कार
शिशु की सामाजिक व धार्मिक पहचान हेतु श्रेष्ठ नामकरण।
अन्नप्राशन संस्कार
शिशु के शारीरिक पोषण और सात्विक भोजन ग्रहण का आरम्भ।
उपनयन (जनेऊ)
आत्मसंयम, ज्ञानार्जन और विद्या प्राप्ति के लिए यज्ञोपवीत दीक्षा।
विवाह संस्कार
गृहस्थ आश्रम में प्रवेश, धर्म और समाज की मंगलमय सेवा का पावन बंधन।
अन्त्येष्टि संस्कार
जीवन की पूर्णता पर आत्मा की सद्गति हेतु वैदिक अंतिम संस्कार।
यज्ञ, हवन एवं मंदिर की झलकियां
आर्य समाज मंदिर पटना में पंडित ओम प्रकाश आर्य द्वारा संपन्न किए गए मांगलिक कार्यों के दृश्य।
वैदिक हवन एवं आहुति दर्शन
आर्य समाज मंदिर, दानापुर, पटना में संपन्न शांति यज्ञ
संस्कार एवं पूजा बुकिंग
आप नीचे दिए गए फॉर्म के माध्यम से सीधे पंडित ओम प्रकाश आर्य जी से संपर्क कर सकते हैं। विवरण भरते ही व्हाट्सएप पर स्वतः संदेश तैयार हो जाएगा।
- ✓ शुभ तिथि एवं मुहूर्त की निःशुल्क जानकारी
- ✓ आवश्यक पूजन एवं हवन सामग्री की सूची
- ✓ पारदर्शी एवं प्रामाणिक व्यवस्था
- ✓ तत्काल व्हाट्सएप एवं फोन संपर्क
अपनी आवश्यकता दर्ज करें
महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती जी की पावन प्रेरणा
"कृण्वन्तो विश्वमार्यम्" — सारे संसार को श्रेष्ठ बनाओ
महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती जी ने 1875 में आर्य समाज की स्थापना कर पाखंड, अंधविश्वास तथा सामाजिक कुरीतियों का विरोध करते हुए वेदों के प्राचीन ईश्वरीय ज्ञान को पुनर्जीवित किया। उनके विचारों ने मानव कल्याण, नारी शिक्षा, सामाजिक समरसता और सरल व अर्थपूर्ण संस्कारों का पथ प्रशस्त किया।
मंदिर का पता एवं आवागमन
आर.पी.एस. मोड़, बेली रोड, दानापुर, पटना। आप कभी भी मंदिर दर्शन एवं परामर्श हेतु पधार सकते हैं।
आर्य समाज मंदिर, दानापुर
आर.पी.एस. मोड़, बेली रोड, दानापुर, पटना, बिहार - 801503
मुख्य पुरोहित
पंडित ओम प्रकाश आर्य (Vedic Priest)
फोन एवं व्हाट्सएप
दैनिक हवन एवं दर्शन समय
प्रातः 6:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे | सायं 4:30 बजे से रात्रि 8:30 बजे